सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

 सुप्रीमकोर्ट की अहम टिप्पणी

बेटियों के भाग जाने पर दर्ज मामलों में पुलिस को तथ्यों के आधार पर जांच करनी चाहिए



सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब बेटियां घर से भाग जाती हैं तो कई बार माता-पिता “मान-सम्मान” बचाने के लिए लड़के पर मामला दर्ज करा देते हैं। जबकि यदि संबंध आपसी सहमति से बने हों, तो ऐसे मामलों में लड़के को जेल भेजना उसके लिए गंभीर मानसिक आघात का कारण बनता है।
अदालत ने कहा कि पुलिस को केवल मान-सम्मान के नाम पर मामला दर्ज करने की बजाय तथ्यों और वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए।
यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि सहमति-आधारित संबंधों में झूठे आरोप लगाना न केवल निर्दोष व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद कर सकता है, बल्कि न्याय प्रक्रिया के साथ भी खिलवाड़ है।

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