सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश जेलों में ‘फाइव स्टार’ सुविधा देने पर अधीक्षक होंगे निलंबित
सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश जेलों में "फाइव स्टार " सुविधा देने पर अधीक्षक होंगे निलंबित
सुप्रीम कोर्ट ने जेलों में विशेष या ‘फाइव स्टार’ सुविधाएं दिए जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि यदि किसी आरोपी या कैदी को ऐसी विशेष सुविधाएं दी जाती हैं तो संबंधित जेल अधीक्षक को तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं, चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा हो, वह कानून से ऊपर नहीं है।
यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान दिया। हाल के दिनों में कई मामलों में देखा गया कि कुछ प्रभावशाली आरोपियों को जेल में विशेष सुविधाएं दी जाती हैं – जैसे अलग से एसी कमरे, मोबाइल फोन, विशेष खान-पान, और अन्य सुविधाएं जो आम कैदियों को उपलब्ध नहीं होतीं।
सुप्रीम कोर्ट ने इसे न्याय और समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताते हुए कहा कि जेल सुधारों की दिशा में सभी कैदियों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। अदालत ने राज्य सरकारों और जेल प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि आगे से इस तरह की शिकायत मिली तो सीधे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला उन सभी मामलों पर प्रभाव डालेगा, जहां VIP या हाई-प्रोफाइल आरोपियों को जेल में विशेष व्यवहार मिलता रहा है। यह आदेश जेल प्रशासन पर सीधी जवाबदेही तय करता है और आम कैदियों के साथ समानता स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।






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