सामूहिक दुष्कर्म का झूठा केस कराने पर वकील को उम्रकैद:-

 सामूहिक दुष्कर्म का झूठा केस कराने पर वकील को उम्रक़ैद :

लखनऊ विशेष अदालत ने वकील परमजीत गुप्ता को सामूहिक दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज कराने के मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।





पूरा मामला क्या है?
वकील परमजीत गुप्ता ने पूजा रावत के जरिए अरविंद यादव और अवनीश यादव पर सामूहिक दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए। पुलिस जांच में मामला झूठा निकला। अदालत ने पाया कि विवाद केवल संपत्ति और लेन-देन को लेकर था। फर्जी केस दर्ज कराकर समाज व न्याय व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया।
अदालत की टिप्पणी
सह-अभियुक्त पूजा रावत को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। अदालत ने कहा कि “फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की प्रवृत्ति न्यायपालिका और समाज दोनों के लिए खतरनाक है।” कोर्ट ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों पर आईटी टूल्स से निगरानी हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
महत्वपूर्ण निर्देश-
अदालत ने कहा कि ऐसे वकीलों की प्रैक्टिस पर रोक लगाई जानी चाहिए जो झूठे केस कराकर कानून का दुरुपयोग करते हैं।

आदेश की कॉपी बार काउंसिल को भी भेजी जाएगी ताकि आगे ऐसे मामलों पर सख्ती बरती जा सके।
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