क्रूरता साबित किए बिना नहीं हो सकता तलाक:- इलाहाबाद हाईकोर्ट

 क्रूरता साबित किए बिना नहीं हो सकता तलाक: हाई कोर्ट 

हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में यह स्पष्ट किया कि पति-पत्नी के बीच विवाद होने पर यदि क्रूरता का आरोप लगाया गया है, तो उसे साबित करना अनिवार्य है। बिना पर्याप्त सबूत के केवल आरोपों के आधार पर तलाक की डिक्री पारित नहीं की जा सकती।


कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक न्यायालयों को क्रूरता के आरोप की गहराई से जांच करनी होगी और तभी कोई निर्णय लिया जा सकता है। 2015 के एक मामले में पारिवारिक न्यायालय द्वारा दिए गए तलाक के आदेश को हाईकोर्ट ने इसी आधार पर निरस्त कर दिया।

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