बिना रजिस्ट्रेशन शादी वैध, तलाक भी सम्भव:- इलाहाबाद हाईकोर्ट

 बिना रजिस्ट्रेशन शादी वैध, तलाक भी संभव: इलाहाबाद हाईकोर्ट 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल शादी का रजिस्ट्रेशन न होने के कारण विवाह अवैध नहीं माना जा सकता। साथ ही, तलाक की कार्यवाही को भी इससे प्रभावित नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने कहा कि शादी का रजिस्ट्रेशन केवल एक दस्तावेज है, जो विवाह का प्रमाण प्रस्तुत करता है, लेकिन विवाह की वैधता का आधार नहीं है। कानून स्वयं यह मान्यता देता है कि बिना रजिस्ट्रेशन के भी वैवाहिक संबंध वैध माने जाएंगे।
इस निर्णय में पारिवारिक अदालत द्वारा दी गई उस आपत्ति को खारिज कर दिया गया जिसमें बिना रजिस्ट्रेशन के तलाक की अर्जी को अस्वीकार कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि ऐसा दृष्टिकोण गलत है और तलाक की प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जा सकता।
यह फैसला उन दंपतियों के लिए राहत लेकर आया है जिनकी शादी बिना रजिस्ट्रेशन के हुई है और जो वैधानिक प्रक्रिया में तलाक लेना चाहते हैं।

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