सरकारी नौकरी के बावजूद पत्नी को बेसहारा बताने पर हाईकोर्ट सख्त

 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि पत्नी खुद सरकारी नौकरी कर रही है और पर्याप्त वेतन कमा रही है, तो वह खुद को बेसहारा बताकर पति से भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती।

✦ मामले में पत्नी डॉक्टर के पद पर सरकारी सेवा में थी और लगभग ₹70,000 मासिक वेतन पा रही थी।
✦ इसके बावजूद उसने पारिवारिक न्यायालय में हलफनामा देकर खुद को असहाय बताया और ₹14,000 मासिक भरण-पोषण का आदेश प्राप्त कर लिया।
✦ पति ने इस आदेश को चुनौती दी।
✦ हाईकोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए पत्नी के खिलाफ झूठा हलफनामा देने पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
✦ साथ ही अदालत ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 6 हफ्तों में पूरी की जाए।
यह फैसला स्पष्ट करता है कि भरण-पोषण केवल उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है जो वास्तव में खुद असमर्थ हों।

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