कमाने वाली पत्नी से घर खर्च और EMI माँगना क्रूरता नहीं:-कलकत्ता हाईकोर्ट

 कमाने वाली पत्नी से घर खर्च और EMI मांगना क्रूरता नहीं : कलकत्ता हाईकोर्ट 

कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि यदि पति अपनी कमाने वाली पत्नी से घर खर्च या EMI में योगदान देने की बात करता है, तो इसे क्रूरता (Cruelty) नहीं माना जा सकता।
✦ मामला एक दंपत्ति के बीच घरेलू विवाद से जुड़ा था।
✦ पत्नी का आरोप था कि पति उससे घर के खर्च और EMI चुकाने की माँग करता है, जो उसके अनुसार मानसिक क्रूरता है।
✦ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी दोनों की आय यदि है, तो परिवार की जिम्मेदारियाँ साझा करना स्वाभाविक और न्यायसंगत है।
✦ केवल घर खर्च या EMI माँगने को आधार बनाकर मानसिक क्रूरता का आरोप साबित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा – “परिवार चलाना दोनों की समान जिम्मेदारी है। कमाने वाली पत्नी को आर्थिक योगदान से छूट नहीं दी जा सकती।”

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